चिकित्‍सा

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (सागर मेडिकल कॉलेज)

सागर में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग बरसों से की जा रही थी। राज्य सरकार ने आखिरकार जनता की मांग को मानते हुए फरवरी 2007 में मप्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सागर में 145 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। मेडिकल कॉलेज तिली स्थित जिला चिकित्सालय के साथ 24 एकड़ जमीन पर बन रहा है और इसकी इमारत बनाने का काम अब अपने अंतिम चरण में है।

नवंबर 2007 में मुख्‍यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मेडिकल कॉलज के भवन निर्माण का भूमिपूजन किया। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने इस दौरान कई बार सागर का दौरा कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार के चलते एमआईसी ने एकाधिक बार कॉलेज को मान्‍यता देने से इंकार किया और लगातार सुधार कराने का दबाव बनाया। प्रथम चरण में कॉलेज सेक्‍टर भवन का निर्माण किया गया।

तमाम ऊहापोह और व्‍यवधानों के बाद अंत में काउंसिल ने कॉलेज में दाखिलों को हरी झंडी दे दी। निर्माण कार्य का पहला चरण पूरा होते ही जुलाई 2009 में कॉलेज में छात्रों के पहले बैच को दाखिला दिया गया।  5 नवंबर 2009 को मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का विधिवत लोकार्पण किया।  अब तक 3 बैच यहां दाखिला ले चुके हैं। कॉलेज की बिल्डिंगों के निर्माण का काम अभी भी जारी है।

हालांकि सागर में कई निजी अस्‍पताल हैं लेकिन गंभीर रोगों के मरीजों को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और दिल्ली के चक्कर लगाने पड़ते थे। मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद अब सागर तथा आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को सागर में ही स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके साथ ही सागर में शिक्षा के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध होंगे।

सागर में विश्वविद्यालय पहले से ही है और इंजीनियरिंग कॉलेज भी है। देश के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार बुंदेलखंड की जनता को मेडिकल कॉलेज का काम पूरा होने के बाद काफी सुविधा मिलने की आशा है।


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